यहाँ कोई एंट्री नहीं है.
पूरब से पश्चिम तक,दुनिया के एक कोने से दुसरे कोने तक व्यक्तित्व के सम्बन्ध में जो विभिन्न सिद्धांत प्रस्तुत किए गए है और उनके बीच जो मतभेद है ,उन्हीं के बीच मैं भी अपना एक सिद्धांत प्रस्तुत कर रहा हूँ . यह सिद्धांत मैंने ज्योतिष और मनोविज्ञान का गहन अध्ध्ययन,समाज में रहकर दूसरों के व्यव्हर का अध्ययन करके निकाला है . भारतीय मनोविज्ञान के अनुसार व्यक्तित्व कि जो अवधारणा है वह अत्यधिक सैद्धांतिक व ...आगे पढ़ें...

लोड हो रहा है...